गाजर की पूंगी उर्फ फ्री स्टाइल सरकार
श्याम-अश्याम
आजकल तो फ्री स्टाइल सरकार है!
तू भी लगा धक्का!
तेरा भाई भी लगाए धक्का!!
चलने दे धक्कम मुक्का!!!
यहां कोई किसी की चिंता नहीं करता
न किसी को किसी की दरकार है!
आजकल तो फ्री स्टाइल सरकार है!
तू भी खा!
तेरा भाई भी खाये!!
ये गाजर की पूंगी!
तू बजा!
तेरा भाई भी बजाये!!
बजाते-बजाते
तू थक जाय
तो तू खा जा!
तेरा भाई खा जाये!!
यहां कोई किसी की चिंता नहीं करता
न किसी को किसी की दरकार है!
आजकल तो फ्री स्टाइल सरकार है!
चुनाव के पहिले
महात्मा गांधी जिन्दाबाद!
चुनाव के वक्त
अपनी पार्टी जिन्दाबाद!!
चुनाव के बाद
अपनी कुर्सी जिन्दाबाद!!
अजब तेरी कुदरत
अजब तेरा खेल!
छछूंदर के सिर में
चमेली का तेल
नेता को हार!
जनता को मार!
मीनिस्टर को मावा!
मुंशी को मिश्री!!
मास्टर को मक्का!
और जनता को धक्का!
तो तू भी लगा धक्का
तेरा भाई भी लगाये धक्का!!
चलने दे धक्कम मुक्का!!!
यहां कोई किसी की चिंता नहीं करता
न किसी को किसी की दरकार है!
आजकल तो फ्री स्टाइल सरकार है!
दिल्ली की सत्ता बिल्ली
नचा रही बंदर!
कुर्सी की लालच में
नाच रहे बन्दर!!
दिल्ली को छींक आवे
जयपुर है हांक भरे!
भोपाल गोपाल बन
कठपुतली नाच करें!!
तिलचट्टू चाट रहे!
छुट भैया बांट रहे!!
तौबे की डेकची
कलई की भड़क
जनता को पगडंडी
नेता को सड़क!!
राज पोपा बाई का
लेखा राई-राई का!!
हाकिम करे सो न्याय!
बाकी सब अन्याय!!
अंधेर नगरी
अनबुझ राजा
टके सेर भाजी
दुनिया मुंह से खाती है
तू आंख से खा
नाक से खा!
आजू से खा,
बाजू से खा!!
उपर से खा, सरकार से खा
नीचे से खा, जनता से खा
खा सके उतना खा
वरना तू पछतायेगा
ये राज फिर नहीं आयेगा!
क्योंकि -
आजकल तो चारो तरफ फैला
रिश्वत का व्यापार है।
ये तो फ्री स्टाइल सरकार है!
तू भी लगा धक्का!
तेरा भाई भी लगाए धक्का!!
चलने दे धक्कम मुक्का!!!
यहां कोई किसी की चिंता नहीं करता
न किसी को किसी की दरकार है!
आजकल तो फ्री स्टाइल सरकार है!
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देश पहले! फिर हम! पार्टी बाद में!
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