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Tuesday, May 1, 2018

ज्ञानी-बुद्धिजीवी, सदा-सर्वदा पूज्य

हमारे देश में ज्ञानी, बुद्धिजीवी सदा, सर्वदा पूज्य रहे हैं और उनके द्वारा ही श्रेष्ठ कर्म संपादित हुए है। जब संविधान नहीं था तब भी ज्ञानीनाम अग्रगण्यम डॉ. भीमराव अम्बेडकर को संविधान निर्मात्री सभा का अध्यक्ष बनाया गया था। संविधान तो उनके द्वारा बाद में लिखा गया था लेकिन आज यह बताने की कोशिश की जा रही है कि संविधान निर्माण के बाद ही सबको समान लाने की दिशा में कार्य किए जा रहे है जबकि सत्य यह है कि जातिबंधन कभी नहीं रहे जो ज्ञानी है उसे बड़ी से बड़ी जिम्मेदारियां तब भी दी गई थी और अब भी दी जाती है। - भंवर गर्ग, ठीकरिया

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