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Tuesday, August 27, 2013

‘‘. . . देवी जिसने श्रीकृष्ण की रक्षा की ’’ नौनिहालों की रक्षा करने वाली दैवी: नंदिनी माता

‘‘. . . देवी जिसने श्रीकृष्ण की रक्षा की ’’
नौनिहालों की रक्षा करने वाली दैवी: नंदिनी माता
- भँवरलाल गर्ग, ठीकरिया
बांसवाड़ा। हर देवालय के प्रति लोगों की अगाध आस्था का अपना-अपना कारण और नज़रिया होता है। भक्त भी अपने आराध्य को अलग-अलग रूप में देखने की इच्छा रखते है तथा उसी अनुरूप पूजा अर्चना करते है। कोई देवता तो कोई मातृ शक्ति तो कोई पितृ शक्ति के रूप में तो कोई सखा तो कोई प्रेमी के रूप में पूजता है। बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर बड़ोदिया गांव के निकट विशाल पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर में स्थापित नंदिनी माता को बालक-बालिकाओं की रक्षा करने वाली दैवी के रूप में पूजा जाता है।
नंदिनी माता मंदिर पर शारदीय व चैत्र नवरात्रि की भांति ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मेले सा माहौल रहता है। जनमान्यता है कि नंदिनी माता ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म के समय रक्षा की थी। श्रीदुर्गा सप्तशती के ग्यारहवें अध्याय में उल्लेख है कि-
‘नंद गोप गृह जाता, यशोदा गर्भ संभवा
तत्स्तो नाशयिष्यामि, विन्ध्याचल निवासीनी’ (श्लोक नं. 42) 
श्रीकृष्ण जन्म कथा में भी वर्णन है कि जब कृष्ण का जन्म हुआ था उसी समय माता यशोदा ने भी बालिका को जन्म दिया था। वासुदेव जब यमुना नदी पार कर नंद बाबा के घर पहुंचे तथा कंस द्वारा कैद, देवकी के आठवे पुत्र के हाथों कंस वध की भविष्यवाणी आदि की कहानी जब सुनाकर कृष्ण को अपने पास सुरक्षित रखने की बात कही तो नंदबाबा ने अपने घर जन्मी बालिका को वासुदेव को सौपा और कहा कि वासुदेव तुम इस बालिका को ले जाओ। कंस बालिका होने के कारण इसे नहीं मारेगा। जब वासुदेव मथुरा आए और अगली सुबह कंस को पता चला की उसकी बहन देवकी के आठवी संतान हुई है तो वह कारागृह में गया। जहां देवकी और वासुदेव के कहने पर की भविष्णवाणी में कहा गया था कि देवकी की आठवी संतान कंस का वध करेगी लेकिन यह तो बालिका है। इस पर कंस ने कहा कि मैं तो इसे केवल देखना चाहता हूं। यह कहकर वह उस बालिका को हाथ में लेकर खिलखिलाकर हंसने लगा और कहने लगा वासुदेव और देवकी मैं कोई मुर्ख नहीं कि अपनी मौत को बचा रहने दूं तथा उस बालिका को दोनो हाथों से उठाकर शिला पर पटकने के लिए फैंका लेकिन योगमाया हवा में यह कहते हुए उड़ गई कि तू मुझे मारेगा कंस तुझे मारने वाला तो गोकुल में खेल रहा है।
यही योगमाया शक्ति वायु मार्ग से होकर अरावली पर्वतमाला स्थापित हो गई। जनश्रुति है कि बड़ोदिया के निकट बिखरी पर्वतमाला की चोटी पर नंदबाबा की बेटी योगमाया शक्ति नंदिनी माता का मंदिर है।
इसी कारण दैवी श्री कृष्ण को बचाने वाली माता कहा जाता है। इस मान्यता के चलते ही वागड़ में सबसे पहले इसी पहाड़ी पर होलिका दहन होता है तथा इसके बाद में क्षेत्र के गांवों में होलिका दहन होता है तथा ढूढोत्सव से पूर्व नौनिहालों की रक्षा करने के उद्देश्य से माता-पिता दैवी नंदिनी माता की ओर मुखकर शिश नवाते है।


फोटो एक: दैवी नंदिनी माता की प्रतिमा।



फोटो दो:अरावली पर्वतमाला स्थित नंदिनी माता का मंदिर।



फोटो तीन: बड़ोदिया गांव स्थित अरावली पर्वतमाला की पहाड़ी जिस पर नंदिनी माता का मंदिर अवस्थित है।
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Friday, March 8, 2013

महिला दिवस पर बांसवाड़ा में निकाली विशाल रैली

‘बेटी नहीं बचाओगे तो बहू कहां से लाओगे’
बांसवाड़ा, 8 मार्च। शुक्रवार को विश्व महिला दिवस के उपलक्ष में ‘सशक्त नारी समर्थ समाज’ थीम पर आधारित रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। यह रैली राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई। यह रैली सुबह आठ बजे राती तलाई स्थित भारत माता मंदिर मैदान से शुरू हुई। कार्यवाहक जिला कलक्टर वृद्धिचंद गर्ग व नगर परिषद सभापति राजेश टेलर ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के आगे-आगे फखरीया विद्यालय का बैंड अपनी समधुर ध्वनियां बिखेरते हुए चल रहा था। रैली मोहन कॉलोनी, कलेक्ट्री चौराहा, नई आबादी, आज़ाद चौक, चंद्रपॉल गेट होते हुए नगर परिषद प्रांगण में पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई।
कोमल है कमजोर नहीं है नारी - जोशी
महिला वर्ग ने हर युग में कमजोर होते समाज को नवीन दिशा दी है। महिलाएं दया, प्रेम और करूणा का रूप जरूर है, नारी कोमल है पर कमजोर नहीं है। उक्त विचार राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय चंद्रपॉलगेट की प्रधानाचार्या मीनाक्षी जोशी ने व्यक्त किए। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में भी नारी शक्ति को जब भी अवसर मिले है उसने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। कार्यक्रम में भूवनेश्वरी मालोत, प्रीति दोसी ने भी संबोधित किया। आरंभ में स्वागत सीओ स्काउट दीपेश शर्मा ने किया तथा आभार सीओ गाइड विजय लक्ष्मी वर्मा ने माना। संचालन राउप्रावि मोहन कॉलोनी के संस्थाप्रधान ब्रजमोहन द्विवेदी ‘तूफान’ ने किया। अंत में सामूहिक राष्ट्रगान गाया गया। अल्पाहार वितरण के साथ सभा का विसर्जन हुआ। इस अवसर पर मोहनलाल पंड्या, भगवानलाल राठौड़, अनरुद्दीन शेख, मणिलाल शर्मा, राजमल जैन, रेखा कंसारा, भंवरलाल गर्ग, अनिल जोशी, विपिन ठाकोर आदि मौजुद थे।
रैली में कतारबद्ध होकर चली शिक्षिकाएं
विश्व महिला दिवस पर आयोजित विशाल रैली में विद्यालयी शिक्षिकाओं ने कदम से कदम मिलाते हुए रैली में कतारबद्ध चली। शिक्षिकाएं सीओ गाइड विजय लक्ष्मी रोहिला के निर्देशन में रैली के आरंभ से समापन तक चलते हुए नारे लगा रही थी। विश्व महिला दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में पीएमओ डॉ. महेशचंद्र आमेटा, नर्सिंग अधीक्षक शंकरलाल यादव, अरविंद चौबीसा, कोतवाली सीआई कानसिंह भाटी, एएसआई नंदलाल, जितेन्द्र भट्ट, नीरज त्रिवेदी, शैलेन्द्र सराफ, राहुल सराफ, निलेष सेठ, अपर उप जिला शिक्षा अधिकारी शर्मिला शर्मा, दक्षा जोशी, रीना चौबीसा, सुलाचना दोसी, प्रीति दोसी, ज्योत्सना द्विवेदी, मीना सिंहा, नीना महाजन, शहचान प्रीति, शीतल मेहता, लतेश्वरी आदि ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त सभी स्थानीय संघ स्तर पर रैली निकाली गई।
फोटो - 1

शुक्रवार को विश्व महिला दिवस अवसर पर भारतमाता मैदान से शुरू हुई सशक्त नारी समर्थ समाज थीम पर आधारित रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते कार्यवाहक जिला कलक्टर वृद्धिचंद गर्ग व नगर परिषद सभापति राजेश टेलर तथा अन्य। फोटो - भंवरलाल गर्ग
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विश्व महिला दिवस पर निकाली गई रैली में विद्यालयी शिक्षिकाएं सीओ गाइड विजय लक्ष्मी वर्मा के निर्देशन में कदम से कदम मिलाकर चलते हुए। फोटो - भंवरलाल गर्ग
फोटो - 3

रैली के उपरांत नगर परिषद प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते राबाउमावि चंद्रपोल गेट की प्रधानाचार्या मीनाक्षी जोशी। फोटो - भंवरलाल गर्ग
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