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Monday, November 22, 2010

Beakray Julfokey (Tadipaar)

बिखरी जुल्फों को सजाने की इजाजत दे दो
बिखरी जुल्फों को सजाने की इजाजत दे दो
हा मुझे पास में आने की इजाजत दे दो
दिल भी क्या चीज है रोके से ना रुकता है
लब से शबनम को चुराने की इजाजत दे दो
.....................................(ताड़ीपार, 1994)




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