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Thursday, November 25, 2010

राजकीय महाविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मचाई धूम

नई पीढ़ी के हुनर ने किया अभिभूत
राजकीय महाविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मचाई धूम
बांसवाड़ा, 25 नवम्बर। (भंवर गर्ग) श्री गोविन्द गुरु राजकीय महाविद्यालय में छात्रा संघ तथा साँस्कृतिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक साँस्कृतिक प्रतियोगिता समारोह मनोहारी प्रस्तुतियों की धूम के साथ गुरुवार को सम्पन्न हो गया। समारोह में गुरुवार को सुगम संगीत प्रतियोगिता में सुश्री मेघा काले व कुशाग्र जोशी प्रथम, सुश्री ऋतु पण्ड्या द्वितीय तथा साक्षी पण्ड्या तृतीय स्थान पर रहे। समूह नृत्य में वसीम खान तथा एकल लोक नृत्य में मोहसिना सिंधी की प्रस्तुति श्रेष्ठ रही। एकल शास्त्राीय नृत्य में चिन्मय शर्मा प्रस्तुति श्रेष्ठ रही।
साँस्कृतिक प्रस्तुतियों पर थिरका युवा मन
गुरुवार को हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी सुमधुर सांगीतिक प्रस्तुतियों और अभिनय कौशल का परिचय कराते हुए मन मोह लिया। इनमें विजेताओं प्रतियोगियों के साथ ही भानुप्रतापसिंह, लक्ष्मणर पारगी, राकेश कुमार, सुमन जोशी, हीरालाल, हिमानी जोशी, उपमा पुरोहित, सुधीर पाटीदार, मेनका तराल, सीता राम खराड़ी, चित्रा काले, रामचन्द्र मकवाना, वर्षा डामोर आदि की प्रस्तुतियों को सराहा गया।
निर्णायकों ने लूटी वाहवाही
निर्णायकों में उदीयमान संगीतकार संदीप पण्ड्या ने गज़़ल ‘‘चुपके चुपके रात-दिन आँसू बहाया है...हमको अब आशिकी का वो जमाना याद आया है...’’ तथा नीति भट्ट ने गज़़ल ‘‘आज जाने की जि़द न करो तुम.... जान जाती है जब तुम जाते हो...’’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। जबकि रैना नागर ने राजस्थानी मांड ‘‘सावन री ऋत आयी ओ भँवरिया....अब तो वैगा पधारो...’’ सुनाकर आनंद का ज्वार उमड़ा दिया। तबले पर संगत नयन नागर ने की।
रह-रह कर उमड़ता रहा संगीत का ज्वार
सुगम संगीत प्रतियोगिता में भानुप्रतापसिंह ने ‘‘चल-चल रे राही...’’ , लक्ष्मण पारगी ने ‘‘मेरे घर के आगे साई तेरा मन्दिर बन जाय...’’, साक्षी पण्ड्या ने ‘‘ ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना..’’, राकेश कुमार ने ‘‘या अली रेहम अली यार पर कुरबान...’’, मेघा काले ने ‘‘ इक राधा इक मीरा दोनों....इक प्रेम दीवानी इक दर्द दीवानी’’, सुमन जोशी ने ‘‘तुने ओ रंगीले कैसा जादू किया...पिया पिया बोले मतवाला जिया...’’, ऋतु पण्ड्या ने ‘‘ पिया तो सो नैना लागे’’ सुनाकर माहौल में संगीत का जादू बिखेर दिया। इसी प्रकार हिमानी जोशी के संस्कृत गीत ‘‘तीर भगीरथो वंशोस्माकम्वयम् तु कृत नीरधारा...’’ सुनाकर देववाणी का माधुर्य रस माहौल में घोल दिया। उपमा पुरोहित ने ‘‘तुम मिले और दिल खिले, और जीने को क्या चाहिए...’’, सुधीर पाटीदार ने ‘‘मेरे जीवन में छाया घना अंधेरा, कोई आकर दीवाली मना लीजिए...’’, कुशाग्र जोशी ने ‘‘ मेरे नैना मेरे नैना रे,...आहट ख्वाबों की चाहत धडक़न की...’’ और मेनका तराल ने ‘‘मौरा पिया मुझसे बोलत नाहीं..’’ सुनाकर रसिकों को मुग्ध कर दिया।

नृत्य कौशल सराहा गया
समूह नृत्य में वसीम खान और साथी ने ‘‘ जी अपनी मरजी से कल की कोई बात नहीं...’’ तथा सीताराम खराड़ी व साथियों ने थाली, कुण्डी व लोक गीत पर थिरकते हुए ढोल की थाप और घुंघरूओं की खनक से माहौल में जनजातीय संस्कृति के रंग-रसों की बारिश कर दी। शास्त्राीय एकल नृत्य प्रतियोगिता में चिन्मय शर्मा ने ‘‘जय देव जय देव....हरे राम हरे कृष्ण..’’ और चित्रा काले ने ‘‘शिव-शिव आशुतोष...नित्य सेवत..’’ शिव स्तुति की स्वर लहरियों पर मंत्रा मुग्ध कर दिया। मोहसिना सिंधी का ‘‘तु जोगी मैं जोगन तेरी, रंग लो मुझे अपने रंग में...’’ के स्वरों पर प्रस्तुत एकल लोक नृत्य रसिकों ने खूब पसंद किया। रामचन्द्र मकवाना ने ‘गोविन्द गुरु का संदेश’ और वर्षा डामोर ने ‘मईया यशोदा तोरा नटखट यमुना के तीरे माखन चुरा ले गया...’’ की प्रस्तुति दी।
संगीत देता है सुकून
समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. एल. डांगर ने कहा कि संगीत से चित्त की प्रसन्नता बढऩे के साथ मन की एकाग्रता की क्षमता में भी अभिवृद्धि होती है। समारोह का संचालन डॉ. एम.के. जैन व साँस्कृतिक सचिव आसीम खान ने किया जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. कमला केल्ला ने किया। प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में संदीप पण्ड्या, सुश्री नीति भट्ट एवं श्रीमती रैना नागर उपस्थित थे।
विद्यार्थियों से भागीदारी बढ़ाने का आह्वान
आरंभ में समारोह अध्यक्ष प्राचार्य का पुष्पहारों से स्वागत साँस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. निर्मला शर्मा व डॉ. एम.के. जैन तथा छात्रा संघ अध्यक्ष प्रकाश बामनिया एवं साँस्कृतिक सचिव आसीम खान ने किया। निर्णायकों का स्वागत डॉ. सरला पण्ड्या, डॉ. कमला केल्ला एवं डॉ. मनोज पण्ड्या ने किया। स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए डॉ. निर्मला शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अपने उद्बोधन में डॉ. निर्मला शर्मा ने साँस्कृतिक प्रतियोगिताओं में कम होती प्रविष्टियों पर चिंता जाहिर की और विद्यार्थियों से कहा कि वे इनके प्रति उत्साह और रुचि दर्शाते हुए अधिक से अधिक भागीदारी निभाएं।
केबिनेट मंत्री मालवीया के प्रति जाहिर किया आभार
छात्रा संघ की ओर से अतिथि के रूप में मौजूद फूलशंकर चरपोटा एवं महासचिव कुलदीप कटारा का महाविद्यालय छात्रा संघ अध्यक्ष प्रकाश बामनिया ने पुष्पहार से स्वागत किया। प्रकाश बामनिया ने स्वागत भाषण में जनजाति क्षेत्राीय विकास मंत्री महेन्द्रजीतसिंह मालवीया द्वारा महाविद्यालय विकास केे लिए सवा करोड़ रुपए की घोषणा पर आभार जताते हुए महाविद्यालय में भूगोल विषय में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू कराने के लिए ठोस प्रयासों करने का संकल्प व्यक्त किया।
बांसवाड़ा फोटो - 1
श्री गोविन्द गुरु राजकीय महाविद्यालय में दो दिवसीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के दूसरे दिन के कार्यक्रमों का दीप प्रज्वलन के साथ आगाज करते प्राचार्य प्रो. एमएल डांगर।
बांसवाड़ा फोटो - 2
कमरीया लचके रे. . .। गोविन्द गुरु राजकीय महाविद्यालय में दो दिवसीय सांस्कृति प्रतियोगिताओं के दौरान छात्राओं ने ऐसी कलात्मक प्रस्तुतियां दी की पुरा पांडाल कमरिया लचके रे से गूंज उठा।
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