नम आँखों से उन्हें नमन। स्वामी रामदेव जी की तो यह अपूरणीय क्षति है ही लेकिन देश ने जो खोया है वह आज देश समझ नहीं पा रहा। मैं तो गहरे से अन्दर तक व्यथित हूँ, मैं समझ रही हूँ कि भारत के स्वाभिमान ही राजीव जी से पूर्व इतनी अच्छी व्याख्या और समाधान किसी ने नहीं किया था। राजीव जी पर लिखी प्रत्येक पोस्ट पर मैंने टिप्पणी की है, इसी भाव से की कहीं से उनके रिक्त स्थान की पूर्ति की आहट मिल सके।
1 comment:
नम आँखों से उन्हें नमन। स्वामी रामदेव जी की तो यह अपूरणीय क्षति है ही लेकिन देश ने जो खोया है वह आज देश समझ नहीं पा रहा। मैं तो गहरे से अन्दर तक व्यथित हूँ, मैं समझ रही हूँ कि भारत के स्वाभिमान ही राजीव जी से पूर्व इतनी अच्छी व्याख्या और समाधान किसी ने नहीं किया था। राजीव जी पर लिखी प्रत्येक पोस्ट पर मैंने टिप्पणी की है, इसी भाव से की कहीं से उनके रिक्त स्थान की पूर्ति की आहट मिल सके।
Post a Comment