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Wednesday, December 1, 2010

अपूर्णीय क्षति

भारत स्वाभिमान

जय भारत
राजीव दीक्षित जी के देहावसान से जो भारत को क्षति हुए है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. - भँवर गर्ग
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1 comment:

अजित गुप्ता का कोना said...

नम आँखों से उन्‍हें नमन। स्‍वामी रामदेव जी की तो यह अपूरणीय क्षति है ही लेकिन देश ने जो खोया है वह आज देश समझ नहीं पा रहा। मैं तो गहरे से अन्‍दर तक व्‍यथित हूँ, मैं समझ रही हूँ कि भारत के स्‍वाभिमान ही राजीव जी से पूर्व इतनी अच्‍छी व्‍याख्‍या और समाधान किसी ने नहीं किया था। राजीव जी पर लिखी प्रत्‍येक पोस्‍ट पर मैंने टिप्‍पणी की है, इसी भाव से की कहीं से उनके रिक्‍त स्‍थान की पूर्ति की आहट मिल सके।